हमार पहिला कोशिस बाटे भोजपुरी ( बोल बचन) दोहा लिखे के , कुछ गलती ( ऊ ता होखबे करी ) ता हमरा के जरुर बतायिब काहे से की कहल जाला ” असफलता ही सफलता के सीढ़ी हवे “
अपने भाषा से उन्नति बाटे अपने भाषा से बाटे मोल |
एह के दिल से समझी एह में नईखे औरु कवनो झोल ||
अंग्रेजी के पढला से रउवा में आई बहुते गुन |
भोजपुरी के बिना रउवा मन में लाग जाई घुन ||
बहुते घुमनी बहुते सीखनी एकर न मिलल कवनो तोड़ |
ए भईया भोजपुरी के बोल के देखा ई भाषा बिया बेजोड़ ||
लोग बदलल , भाषा बदलल और बदलल देस |
तबहू न भरल हमनी के अन्दर कवनो द्वेष ||
प्यार , दुलार में हमनी के ना केहू पीछे छोड़ी |
अब ता केहू एह में ना कवनो दू अर्थी जोड़ी ||
जय भोजपुरी के लईका आ गईल बाडन सा झार के |
फेरु लौटी भोजपुरियन के ऊ असली दिन बहार के ||
गिट – पिट गिट -पिट कम बतियावा भोजपुरी के सीख |
चोन्हा ढेर करबा भोजपुरी से ता मांगे लगबा भीख ||
भोजपुरी भाषा में बोला भोजपुरी में लिहा उड़ान |
दुनिया में जोर से छेड़ा भोजपुरी के सुरीला तान ||
पकड़ी के फेडा के निचे बीतल तोहर असल जवानी |
अब तू काहे फेटत बाड़ा अपना मुर्झायिला मोछ पे पानी ||
भोजपुरी हा मिठ्की भाषा ई भाषा हवे बेजोड़ |
दुनिया में अब तक ना मिलल एकर कवनो जोड़ ||
ढीला शर्ट में टाईट जीन्स में दिहल जिनगी बिताय |
अबका होई भेभा बावला से काहे तू पछताय ||
रवि जी बहुत बहुत धन्यवाद
हम कोशिस करेंगे की इन त्रुटियों को दुबारा आने का मौक़ा न मिले |
ऐसे और भी विचारो का स्वागत हैं |
धन्यवाद
भाई,
दोहा छंद में मात्राएं 13-11, 13-11 होती हैं…
आपके इन दोहों का कथ्य गज़ब है…बस मात्राओं में नहीं है, इसलिए दोहा नहीं कह सकते…
मात्राओं की गिनती करके लिखें….
या पुराने दोहो की धुन में गुनगुनाते हुए भोजपुरी दोहे लिखें…
मात्राएं गड़बड़ होंगी तो गा नहीं पाएंगे….
बस ऐसे ही लिख दिया है….अन्यथा नहीं लें….